आउटलुक पत्रिका द्वारा नई दिल्ली में आयोजित संगोष्ठी - " लाल गलियारे में विकास के रास्ते"

सडक़ें लिखेंगी विकास की कथा - छत्तीसगढ़ में 2003 में मुख्‍यमंत्री डा. रमन सिंह के नेतृत्व में नक्‍सलियों के खिलाफ शुरू की गई लड़ाई में सडक़ें विकास की नई कहानी लिखेंगी। दोरनापाल से जगरगुंडा के बीच 56 किलोमीटर और इंजरम से भेजी के बीच की 20 किलोमीटर की सडक़ें जब बन कर तैयार हो जाएंगी तो राज्य से नक्‍सलवाद खत्म हो जाएगा। इन सडक़ों का निर्माण पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन ने दिसंबर 2015 में शुरू किया। काम में विघ्न डालने के लिए नक्‍सलियों ने हजारों लैंड माइंस लगाए, कई हमले किए पर वे हमें लक्ष्य से नहीं डिगा पाए। ये वही इलाके हैं जहां पुलिस बल से लेकर राजनीतिज्ञों पर कई हमले किए गए। 2013 में हुई हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेता मारे गए। बस्तर में नक्‍सलियों ने 204 सडक़ों और पुलियों को ध्वस्त किया। 1201 मशीनरी को तोड़ डाला। इनमें बीआरओ की भी मशीनरी शामिल थी। रेलवे की 81 संपîिायों को ध्वस्त किया गया। यह नक्‍सलियों का विनाशवाद था।

                               एंजरम से भेजी तक की सडक़ अगले साल जनवरी या फरवरी में बन तक तैयार हो जाएगी। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या मुख्‍यमंत्री डा. रमन सिंह करेंगे। दोरनापाल-जरगुंडा सडक़ पर जल्द ही प्रारंभिक काम पूरा कर लिया जाएगा। यहां पर अप्रैल तक डीएम या अन्य अधिकारी वाहन से आ-जा सकेंगे। ये सडक़ें लाल गलियारे में विकास का रास्ता होंगी। सडक़ बनाने का काम पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का नहीं है। पर जब यहां चार साल में कई बार टेंडर निकाले जाने के बाद भी कोई काम नहीं हुआ तो मुख्‍यमंत्री ने मुझसे इस सडक़ को बनाने के लिए कहा। यह चुनौती थी जिसे हमने स्वीकार किया। इससे पहले हमने नक्‍सलवाद से सर्वाधिक प्रभावित बस्तर जिले में 125 पक्‍के पुलिस स्टेशन बनाए। दोरनापाल के पुलिस स्टेशन का उद्घाटन गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इससे यह संदेश गया कि केद्र भी यहां के विकास के लिए गंभीर है। इससे पहले इस क्षेत्र के थाने घास-फूस के बने थे। यहां पुलिस के जवान न तो बैठ सकते थे न ही अधिकारी यहां कोई मीटिंग कर सकते थे। यहां से सशस्त्र नक्‍सलियों का सामना करना मुश्किल था। इस लिए मजबूत थाने बनाए गए जहां से माओवादियों का मुकाबला किया जा सके। 2011-12 में पीडब्‍ल्यूडी कुछ काम नहीं कर पा रहा था। ऐसे में हमारी भूमिका काफी बढ़ गई थी। पीडब्‍ल्यूडी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अमिताभ जैन कहते हैं कि पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन इज गेम चेंजर इन नक्‍सली एरिया। इसे हमने अपना बोध वाक्‍य बना लिया। आज नतीजा सबके सामने हैं।

                               नक्‍सलवाद से लड़ाई में मुख्‍यमंत्री डॉ. रमन सिंह को हमसे ज्यादा अनुभव है। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए दिल से काम किया है। इन्हें नक्‍सलियों से सबसे ज्यादा खतरा है फिर भी इन्होंने अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति को नहीं छोड़ा है। नक्‍सल समस्या के समाधान में मीडिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। जिस तरह का संवाद यहां हो रहा है इसी तरह का संवाद बस्तर या सुकमा में भी होना चाहिए।

 

डी.एम. अवस्थी

डीजी, नक्‍सल आपरेशन, छत्तीसगढ़

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